॥ श्रीहरिः ॥
Abhas ultha
Akand keli Ras
Anmol Vachan
Basant Samar Keli
Bhagwat Rasik & Vihari Vallabh Vani
निकुंज रस
निकुंज रस
निकुंज रस
भगवान ने कहा है “धर्मसंस्थापनार्थाय”। धर्म लोक हित की ओर है। ज्ञान और भक्ति के माध्यम से जीवन में शांति, सेवा और सद्भावना का प्रकाश बढ़ सकता है।
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